गुरुवार 1 अक्टूबर 2026 - 11:48
शहीद सैयद हसन नसरुल्लाह ने अल्लाह के लिए आंदोलन किया और पहाड़ की तरह आखरी सांस तक डटे रहें

हौज़ा / हुज्जतुल इस्लाम वल-मुस्लिमीन अलीरज़ा बेनियाज़ ने कहा कि शहीद सैयद हसन नसरुल्लाह ने अल्लाह की खातिर आंदोलन किए और पहाड़ की तरह अडिग रहे। उन्होंने कहा कि शहीद सैयद हसन नसरुल्लाह अपने आप में एक पूरी कौम थे और ईमान तथा अल्लाह की इबादत का नमूना थे।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , हुज्जतुल इस्लाम वल-मुस्लिमीन अलीरज़ा बेनियाज़ ने सैयद हसन नसरुल्लाह के रास्ते और विचारधारा का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि शहीद नसरुल्लाह का रास्ता और उनकी विचारधारा आज भी उम्मत में जीवित है। दुश्मनों का मानना था कि सैयद हसन नसरुल्लाह और प्रतिरोध के नेताओं को शहीद करके उन्होंने लेबनान के हिज़्बुल्लाह को समाप्त कर दिया है, लेकिन समय ने साबित कर दिया कि हजारों लेबनानी युवा सैयद-ए-मुक़ावमत के रास्ते पर चलते हुए इज़राइली कब्जे वाले शासन के अंत तक अपना संघर्ष जारी रखेंगे।

उन्होंने कहा कि शहीद सैयद हसन नसरुल्लाह ने अल्लाह की खातिर आंदोलन किया और पहाड़ की तरह मजबूती से डटे रहे। वह अपने आप में एक पूरी कौम थे और ईमान तथा अल्लाह की इबादत का आदर्श थे।

कीश के इमाम ए जुमआ ने कहा कि सैयद हसन नसरुल्लाह के व्यक्तित्व का एक महत्वपूर्ण आकर्षण उनकी बहुआयामी शख्सियत थी। उनके व्यक्तित्व के विभिन्न पहलुओं का उल्लेख विद्वानों के विचारों और उनके साथियों के बयानों में मिलता है।

उन्होंने शहीद नसरुल्लाह की एकता स्थापित करने वाली भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने शिया और सुन्नी समुदायों के बीच ऐसा एकता का माहौल बनाया कि वे आपसी मतभेदों को सुलझाने के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ बन गए।

ईरान और क्षेत्र की वर्तमान परिस्थितियों के बारे में हुज्जतुल इस्लाम वल-मुस्लिमीन बेनियाज़ ने कहा कि उनके विचार में युद्ध का अंत ईरानी जनता की जीत के साथ होगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका को क्षेत्र से बाहर जाना होगा और उसके पास आत्मसमर्पण करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा।

कीश के इमाम ए जुमआ ने आगे कहा कि शहीदों के खून का बदला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम पूरी तरह तैयार हैं और मैदान में मौजूद हैं। सशस्त्र बल पहले से अधिक मजबूत होकर जवाब देने के लिए तैयार हैं।

उन्होंने जनता से एकता, एकजुटता और अधिकारियों, सरकार तथा सशस्त्र बलों के साथ सहयोग बनाए रखने की अपील की। साथ ही धैर्य रखने और संसाधनों की बचत करने पर जोर देते हुए कहा कि इन उपायों के जरिए दुश्मन के उद्देश्यों को विफल किया जा सकता है।

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